नई दिल्ली। रेलवे ट्रैक या रेल परिसर में मिलने वाले लावारिस शवों के सम्मानजनक संरक्षण और अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता में रेलवे बोर्ड ने वृद्धि कर दी है। अब ऐसे प्रत्येक मामले में 7,000 रुपये अथवा वास्तविक व्यय (जो कम हो) का भुगतान किया जाएगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।इससे पहले अंत्येष्टि और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए 5,000 रुपये की सहायता मिलती थी। वर्ष 2018 में यह राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये की गई थी। अब लगभग आठ वर्ष बाद इसमें 2,000 रुपये की और बढ़ोतरी की गई है।रेलवे बोर्ड के आईजी (प्रशासन) महेश्वर सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अंतिम संस्कार की सामग्री और सेवाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मंत्रालय के वित्त निदेशालय की सहमति के बाद राशि बढ़ाने को मंजूरी दी गई, ताकि धन की कमी के कारण शवों के संरक्षण और सम्मानजनक अंत्येष्टि में किसी प्रकार की बाधा न आए।रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक गरिमापूर्ण और सुचारु ढंग से संपन्न हो सकेगी।