जबलपुर। खितौला स्थित ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में वर्ष 2025 में हुई सनसनीखेज डकैती के फरार पांचवें और मुख्य आरोपी सुनील पासवान को जबलपुर पुलिस ने बिहार के गया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ बैंक डकैती का सोना खरीदने वाले चंचल पासवान को भी पुलिस ने दबोच लिया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर 750 ग्राम सोने के जेवर, जिनकी कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये है, बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 11 अगस्त 2025 को थाना खितौला क्षेत्र स्थित ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में पांच हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर 14 किलो 800 ग्राम सोने के जेवरात और करीब 5 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। घटना के बाद पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक अतुल सिंह और स्वयं पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने मौके पर पहुंचकर जांच की कमान संभाली थी। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी।
एसपी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह, एसडीओपी सिहोरा आदित्य सिंघारिया, डीएसपी क्राइम उदयभान बागरी एवं डीएसपी साइबर सेल अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच और जिला पुलिस की संयुक्त विशेष टीम लगातार फरार आरोपी की तलाश में जुटी थी।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम को बिहार के गया जिले रवाना किया गया। स्थानीय मुखबिरों, इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली कि सुनील पासवान तिलैया गांव में किराए के मकान में छिपा हुआ है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बिहार एसटीएफ से समन्वय स्थापित किया गया। एसटीएफ के निरीक्षक दीपक कुमार और उनकी टीम के सहयोग से संयुक्त दबिश देकर सुनील पासवान को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बैंक डकैती में अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए बताया कि उसके हिस्से में करीब डेढ़ किलो सोने के जेवर आए थे। इनमें से 750 ग्राम सोना उसने अपने परिचित चंचल पासवान को 45 लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने चंचल पासवान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसने सोना मनोज सोनी के पास सुरक्षित रखने की जानकारी दी। पुलिस ने वहां से 750 ग्राम सोना बरामद कर लिया। वहीं आरोपी ने शेष 750 ग्राम सोना दो अन्य सुनारों को बेचने की बात स्वीकार की है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सुनील पासवान कोई सामान्य अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में बैंक लूट और डकैती के 9 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह चार राज्यों की पुलिस के लिए वांछित था। उसकी गिरफ्तारी को जबलपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच एवं जिला पुलिस की टीम ने अहम भूमिका निभाई। डीएसपी (अपराध) शैलेष मिश्रा और थाना प्रभारी खितौला रमन सिंह मरकाम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह, सहायक उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, कैलाश मिश्रा, नरेश पासी, प्रधान आरक्षक राजेश पांडे, मोहन सिंह थापा, अखिलेश पांडे, हितेंद्र रावत, आरक्षक शिव बघेल, गोविंद राय, साइबर सेल के उप निरीक्षक कपूर सिंह, प्रधान आरक्षक अमित पटेल, आरक्षक संदीप पाण्डे, नीरज उपाध्याय, संतोष शाह, रंजीत यादव, अविनाश सिंह, थाना खितौला के प्रधान आरक्षक जितेन्द्र सिंह बागरी, ओमप्रकाश दुबे, आरक्षक परमजीत यादव तथा पुलिस लाइन के उप निरीक्षक दिनेश गौतम ने आरोपी की गिरफ्तारी और सोना बरामद करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।