जबलपुर। शहर के गैस पंपों पर मोटर वाहनों में कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) के स्थान पर कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सोमवार को कलेक्टर से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने आरोप लगाया कि जबलपुर के गैस पंपों पर उपभोक्ताओं को सीएनजी के नाम पर सीबीजी उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि उपभोक्ताओं से सीएनजी की दर के अनुसार लगभग 105 रुपये प्रति किलोग्राम वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि सीबीजी की उत्पादन लागत कम होने के बावजूद उपभोक्ताओं से अधिक कीमत ली जा रही है।
मंच का दावा है कि सीबीजी का उपयोग करने से वाहनों का माइलेज प्रभावित हो रहा है। शिकायत के अनुसार कार एवं ऑटो जैसे वाहनों में माइलेज में लगभग 5 से 6 किलोमीटर प्रति किलोग्राम तक की कमी देखी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बायोगैस में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होने से इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इसे उपभोक्ता संरक्षण कानून का उल्लंघन बताते हुए संबंधित एजेंसियों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मंच का कहना है कि यदि उपभोक्ताओं को सीबीजी दी जा रही है तो इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए तथा सीएनजी के नाम पर वसूली नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर ने शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत सौंपने के दौरान डॉ. पी.जी. नाजपांडे, रजत भार्गव, देवप्रकाश अघोलिया, मनीष शर्मा तथा धनश्याम सोनकर सहित नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के पदाधिकारी उपस्थित रहे।