नकली उर्वरक बनाने वालों पर एफआईआर दर्ज, कृषि विभाग के प्रतिवेदन पर कार्रवाई


जबलपुर। जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम करौंदी में नकली उर्वरक निर्माण का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की शिकायत पर थाना कटंगी पुलिस ने आरोपी बहादुर राजपूत के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, कार्यालय उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जबलपुर के उर्वरक निरीक्षक पंकज कुमार श्रीवास्तव की लिखित शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायत में बताया गया कि 26 जून 2026 को विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम करौंदी निवासी बहादुर राजपूत अपने घर पर नकली डीएपी उर्वरक का निर्माण कर रहा है।
शिकायत के आधार पर 27 जून को अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पनागर की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में उर्वरक से संबंधित सामग्री बरामद हुई।
जांच टीम को मौके से डीएपी अंकित 100 खाली बोरियां, पारादीप फॉस्फेट लिमिटेड की डीएपी अंकित 56 खाली बोरियां, डीएपी से भरी 31 बोरियां तथा डीएपी के समान दिखने वाले काले दाने से भरी 61 बोरियां मिलीं। उर्वरक निरीक्षक ने भरी हुई बोरियों से नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर कृषि विभाग ने पाया कि आरोपी द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 7 एवं 19(सी)(2) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 का उल्लंघन किया गया है। इसके बाद विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई। कटंगी पुलिस ने आरोपी बहादुर राजपूत पिता परमानंद राजपूत, निवासी ग्राम करौंदी, के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं जब्त किए गए उर्वरक के नमूनों की परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।