मैहर। विश्वप्रसिद्ध मां शारदा देवी मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल की गई है। मंदिर प्रबंधन समिति ने धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के उद्देश्य से 1 जुलाई 2026 से संपूर्ण मंदिर एवं मेला परिक्षेत्र को पॉलिथीन मुक्त क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया है।मंदिर प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार निर्धारित तिथि से मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की पॉलिथीन थैली, प्लास्टिक कैरी बैग एवं अन्य प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के उपयोग, भंडारण और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह नियम श्रद्धालुओं, दुकानदारों, व्यापारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों पर समान रूप से लागू होगा।
स्वच्छ और पवित्र धाम की दिशा में बड़ा कदम
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए मैहर पहुंचते हैं। ऐसे में पॉलिथीन के बढ़ते उपयोग से न केवल परिसर की स्वच्छता प्रभावित होती है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि मां शारदा का धाम स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का आदर्श बन सके।
उल्लंघन पर लगेगा अर्थदंड
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई के बाद यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित पॉलिथीन का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 500 रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। प्रशासन ने सभी दुकानदारों और श्रद्धालुओं से कपड़े, कागज अथवा अन्य पर्यावरण हितैषी विकल्पों का उपयोग करने की अपील की है।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का सहयोग आवश्यक है।मंदिर प्रबंधन समिति का विश्वास है कि जनभागीदारी से यह अभियान सफल होगा और मां शारदा धाम से पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश पूरे प्रदेश एवं देश में पहुंचेगा। यह पहल न केवल मंदिर परिसर की स्वच्छता बढ़ाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी देगी।स्वच्छता ही सेवा और प्रकृति संरक्षण ही सच्ची श्रद्धा” के संदेश के साथ मां शारदा धाम अब पॉलिथीन मुक्त परिसर की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करने जा रहा है।