रीवा की घटना पर जबलपुर जैन समाज में उबाल, मौन जुलूस निकालकर की सुरक्षा का कानून बनाने मांग

जबलपुर। मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुए दर्दनाक घटनाक्रम को लेकर सोमवार सुबह संस्कारधानी में जैन समाज का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। सकल दिगंबर जैन समाज सहित विभिन्न जैन संगठनों के नेतृत्व में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने शांतिपूर्वक मौन जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। समाजजनों ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्य, अहिंसा और भगवान महावीर स्वामी की वाणी को जन-जन तक पहुंचाने वाले साधु-संत और साध्वियां आज स्वयं असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश में लगातार जैन साधु-संतों और महिला धर्मगुरुओं के साथ सड़क दुर्घटनाएं और दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि पूरा समाज चिंतित है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संतों और साध्वियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

रीवा की घटना से पूरे देश में रोष ……..

जैन समाज के लोगों ने बताया कि गत दिवस रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई इरादतन टक्कर की घटना में 105 श्रुति माताजी और 105 उपशम मति माताजी के प्राण चले गए, जिससे संपूर्ण जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। समाजजनों ने इसे केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि अहिंसक जैन समाज पर हमला बताया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा के संदेश को आगे बढ़ाने वाले साधु-संतों के साथ इस प्रकार की घटनाएं बेहद पीड़ादायक हैं। समाज ने चेतावनी दी कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

कमनिया गेट से सिविक सेंटर तक निकला मौन जुलूस ……

सोमवार को सकल दिगंबर जैन समाज, दिगंबर जैन पंचायत सभा, श्वेतांबर समाज, भगवान महावीर स्वामी वीतराग मंडल, तरण-तरण जैन समाज एवं मध्य प्रदेश दिगंबर जैन परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विशाल मौन जुलूस निकाला गया।
यह मौन जुलूस शहर के हृदय स्थल कमरिया गेट से प्रारंभ होकर 12 खजांची चौक, लार्डगंज थाना, सुपर मार्केट, गंजीपुरा और मालवीय चौक होते हुए सिविक सेंटर पहुंचा। यहां धर्मसभा आयोजित की गई, जिसमें समाज के वरिष्ठजनों ने साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।
हजारों की संख्या में शामिल लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को कठोर दंड देने की मांग लिखी गई थी। प्रदर्शन के दौरान पूरा माहौल शांतिपूर्ण लेकिन भावनात्मक बना रहा।

राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा कानून बनाने की मांग…..

जैन समाज ने मांग उठाई कि देशभर में जैन साधु-संतों और साध्वियों की सुरक्षा के लिए विशेष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम बनाया जाए। समाज का कहना था कि पदयात्रा और विहार के दौरान संतों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।
समाजजनों ने कहा कि जैन संत और साध्वियां भारतीय संस्कृति और अहिंसा की परंपरा के संवाहक हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।

संयुक्त कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन …

विरोध प्रदर्शन के बाद जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रीवा की घटना की विशेष जांच टीम से निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
समाज का कहना था कि आरोपियों को ऐसा दंड मिलना चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी साधु-संतों के खिलाफ इस प्रकार की बदनियति करने का साहस न कर सके।

इस अवसर पर सकल जैन समाज और पंचायत सभा के अध्यक्ष मानव कैलाशचंद जैन, अखिलेश जैन, अनिल जैन, मंगलचंद टांटिया, सत्येंद्र जैन जुग्गू, सतीश वर्धमान, सुबोध जैन, सुमन कुमार जैन, नीलेश जैन और मनोज सेठ सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।