‘ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः’से गूंज उठा दत्त मंदिर परिसर


जबलपुर। पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य मे श्री दत्त भजन मंडल द्वारा आयोजित पंच दिवसीय यज्ञ का तीसरे दिन अतिशय धार्मिक वातावरण से प्रारंभ हुआ| कार्यक्रम की शुरुआत देवतापीठ की पूजा वेदों के मंत्रोच्चार, और कलश पूजन के साथ हुई. यज्ञाचार्य आर्वीकर गुरुजी के सान्निध्य में मुख्य यजमान माधुरी नाजवाले सुनील नाथवाले सहित सहयजमान अमर परांजपे, नितीन परांजपे, मुरलीधर पालंदे, अनिल राजूरकर, विलास ताम्हनकर, दिगंबर गोखले, जया चितले, अरुण गायकी, डॉ. सुनील चिंचोलकर, शिल्पा ताम्हणे आदि ने यज्ञ कुंड में आहुतियां दीं. इस दौरान “श्रीअभयप्रदायानेन नमः”,’ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः’, शची पुरंदरया नमः स्वाहा के मंत्रों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. ज्ञात हो की, भगवान दत्तात्रय अत्रि-अनसूया के पुत्र स्मर्तुगामी कहलाते है. पुरुषोत्त मास मे ब्रह्मा विष्णु महेश की संयुक्त उपासना अगर यज्ञ के माध्यम से की जाती है, तो यज्ञकर्ता को लौकिक एवं पारलौकिक उन्नती मिलती है. तथा उसका जीवन यथार्थ हो जाता है. दत्त मंदिर मे नगरवासी प्रतिदिन दर्शन के लिए पधार रहे है, तथा यज्ञ मे आहुति डालकर यज्ञशाला की प्रदक्षिणा करके अभीभूत हो रहे है. यज्ञ मी दिलीप सप्रे, अभय जोशी, सुबोध गोसावी सुधीर नाईक अपनी सेवा प्रदान कर रहे है.