पानी से जिल्लतों भरा शहर है देखिए, एक शाम कविता के नाम आयोजन


जबलपुर। प्रसंग संस्था का 512 वां आयोजन अभियान संस्था के साथ किया गया। एक शाम कविता के नाम संध्या का आयोजन नई मल्टी अनंतारा में किया गया। जिसमें जल बचाओ, पेड़ लगाओ, पक्षियों के लिए पानी के सकोरे लगाओ आदि समसामयिक विषयों पर सभी विद्वानों ने अपने विचार रखें तत्पश्चात नगर के 51 रचनाकारों द्वारा उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया गया। इस आयोजन की मुख्य अतिथि डॉ.अनामिका तिवारी रहीं अध्यक्षता अभियान के अध्यक्ष संजीव वर्मा शलिल ने की जबकि सारस्वत अतिथि निर्मला तिवारी निर्मल रही। शुभारंभ डॉ.विनीता पाण्डेय विनीत की सरस्वती वंदना से हुआ, वरिष्ठ कनिष्ठ रचनाकारों ने शानदार कविताएं प्रस्तुत की इंजीनियर विनोद ‘नयन’ ने कहा पानी से ज़िल्लतों भरा शहर देखिए, बसंत शर्मा ने कहा कहां लापता हो गया ढ़ाई आखर प्यार, डॉ मुकुल तिवारी ने कहा डरना नहीं हमें किसी से चाहिए, डॉ.मकबूल अली ने कहा रबर का दिल लगाया जा रहा है, डॉ.रानू रूही ने कहा सुनो फिर आओगे ना जब कहूंगी, डॉ.विनीता पाण्डेय विनीत ने कहा उन्हीं की शख्सियत मुझमें जो मुझसे खो नहीं पाती, कीर्ति चौरसिया ने कहा मन विचलित होता अपने ही संवादों पर, प्रतिमा अखिलेश ने कहा कलुष हरो कृपा करो कृपाल कूल कालिनी, डॉ.विनोद बाजपेई ने कहा होलिका जी जली आग में|
इस अवसर पर विजय बागरी,डॉ.विजेन्द्र उपाध्याय,जय प्रकाश श्रीवास्तव,अर्चना मलैया, मीना भट्ट, पुरुषोत्तम भट्ट‌ रजिया आशी, डॉ प्रशांत मिश्रा, सुभाष मणि बैरागी,प्रकाश ठाकुर गायत्री चौबे, सुबीर श्रीवास्तव, कृष्णा गोप ने शानदार प्रस्तुतियां दी,इस काव्य कलश में नगर के साहित्यकारों एवं श्रोताओं की उपस्थिति रही। आयोजन का संचालन प्रसंग के संस्थापक इंजीनियर विनोद ‘नयन’ किया तथा संयोजन बसंत शर्मा ने किया, विशेष सहयोग मंजरी शर्मा का रहा।