जबलपुर श्री गुजराती मंडल के वरिष्ठ सदस्य एवं ट्रस्टी श्री महाशंकर भाई रावल का विगत दिवस दुखद निधन हो गया। महाशंकर जी ने कुछ साल पहले नेत्रदान हेतु संकल्प फ़ार्म भरा था एवं इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी थी।उनकी मृत्यु उपरांत इस इच्छा को आत्मसात करते हुए परिजनों ने नेत्रदान करने का निर्णय लिया।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए विपल लालन ने बताया की डॉ पवन स्थानक ने तुरंत अपनी टीम को मृतक के घर कार्निया संग्रह हेतु भेजा।उक्त कार्निया को देवजी नेत्रालय मे स्थित रोटरी आई बैंक मे सुरक्षित किया गया।जन ज्योति आई हास्पीटल मे डाॅ पवन स्थापक एवं डॉ आयुष टंडन ने जटिल आपरेशन द्वारा उक्त कार्निया का तेंदूखेडा निवासी एक 17 वर्षीय बालिका एवं गाडासरई (डिंडोरी) निवासी एक 55 वर्षीय युवक को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया।
दोनों मरीजों को रोशनी आ गई है तथा जरूरी दवाई आदि प्रदान कर छुट्टी दी गई है।इस विषय पर डाॅ पवन स्थापक ने बताया की अंधेपन की बिमारी से ग्रसित विश्व के 25% मरीज केवल हमारे भारत वर्ष मे हैं।नेत्रदान द्वारा इस संख्या को बेहद कम किया जा सकता है।
डॉ स्थापक ने नेत्रदान को अपने परिवार मे परंपरा बनाने की अपील की है।उल्लेखनीय है की लगभग 3 वर्ष पूर्व तात्कालीन रोटरी प्रांतपाल अखिल मिश्र के अथक प्रयासों के फलस्वरूप रोटरी अंतर्राष्ट्रीय द्वारा जबलपुर मे स्थित देवजी नेत्रालय मे अत्याधुनिक रोटरी आई बैंक की स्थापना की गई है जिसमें ना सिर्फ कार्निया को 15 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है, अपितु एक कार्निया से परत अलग कर एक से अधिक लोगों का उपचार भी किया जा सकता है।
श्री गुजराती मंडल के सचिव दिनेश वीरा ने जानकारी दी कि अध्यक्ष डॉ राजेश धीरावाणी की प्रेरणा से मंडल मे गुजराती आर्गन डोनेशन (GOD) की स्थापना की गई है। इसमें समय समय पर अंगदान एवं देहदान पर विशेषज्ञों द्वारा उपयुक्त जानकारी दी जाती है एवं मृत्यु उपरांत उक्त दान हेतु उचित व्यवस्था भी की जाती है।
इस पुनीत कार्य हेतु डॉ राजेश धीरावाणी एवं दिनेश वीरा ने डाॅ पवन स्थापक एवं रावल परिवार के प्रति हार्दिक अनुग्रह व्यक्त किया है।नेत्रदान एवं नेत्र प्रत्यारोपण का कार्य डाॅ स्थापक द्वारा पुणतः निशुल्क किया गया है।