जबलपुर। बरगी डैम में हाल ही में हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। इस हादसे में कई निर्दाेष पर्यटकों की असमय मृत्यु ने न केवल अनेक परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र की गंभीर खामियों को भी उजागर कर दिया है। मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, यश लखन घनघोरिया ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, गैर-जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तथ्यों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से जो जानकारी सामने आई है, वह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि क्रूज में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाएं तक उपलब्ध नहीं थीं। पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट नहीं थीं और जो उपलब्ध थीं, उनके सही उपयोग के लिए यात्रियों को कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। यह एक गंभीर चूक है, क्योंकि जल पर्यटन में लाइफ जैकेट प्राथमिक सुरक्षा उपकरण होता है।
इसके अतिरिक्त, मौके पर रेस्क्यू के लिए कोई सहायक सुरक्षा नाव (सपोर्ट बोट) उपलब्ध नहीं थी। इतने बड़े पर्यटन स्थल पर गोताखोरों एवं राहत-बचाव संसाधनों की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भयावह बना दिया। आपातकालीन स्थिति में त्वरित राहत कार्य शुरू नहीं हो सका, जो सीधे तौर पर जानलेवा साबित हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्रूज संचालन से जुड़े स्टाफ को आपदा प्रबंधन या आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का समुचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया था, जिसके कारण हादसे के समय स्थिति और बिगड़ गई। साथ ही, क्रूज के रखरखाव, संचालन प्रक्रिया और बिना टिकट यात्रियों को बैठाने जैसी गंभीर अनियमितताओं पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े होते हैं।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि खराब मौसम और तेज हवाओं की चेतावनी के बावजूद क्रूज को संचालन की अनुमति दी गई, जो पूर्णतः गैर-जिम्मेदाराना निर्णय था। यह दर्शाता है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी।उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर केवल दिखावटी प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से विफल है। आम नागरिकों के जीवन को इस प्रकार जोखिम में डालना किसी भी जिम्मेदार सरकार के लिए अत्यंत शर्मनाक है।
युवक कांग्रेस ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए मांगें रखी हैं की प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सत्य सामने आ सके। क्रूज संचालन से जुड़े सभी दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित एजेंसियों पर तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। हादसे में मृत सभी व्यक्तियों के परिजनों को न्यूनतम राशि 50 लाख का मुआवजा प्रदान किया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को स्थायी शासकीय नौकरी दी जाए। सभी घायलों के समुचित एवं निशुल्क उपचार की संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा वहन की जाए। प्रदेश के सभी जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा कर उन्हें सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
क्रूज संचालन एवं जल पर्यटन से जुड़े नियमों को और अधिक सख्त, पारदर्शी एवं नियमित निगरानी के दायरे में लाया जाए।युवक कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले में सरकार द्वारा शीघ्र एवं ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन करेगा और आम जनता के साथ मिलकर इस लापरवाही के विरुद्ध सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होगा।