जबलपुर। जिले में गेहूं की खरीदी अब तक प्रारंभ नहीं हो सकी| राज्य सरकार द्वारा 15 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे| 4 दिन बीत जाने के बाद भी खरीदी केंद्र सूने पड़े हुए है| दरअसल खरीदी केंद्रों में व्यवस्था ही नहीं की गई| आज भी वेयरहाउस खरीदी केंद्रो में अव्यवस्थाएं देखी जा रही है| गेहूं खरीदी के लिए सिस्टम फैल हो चुका है जिससे किसानों में आक्रोश है, जिला प्रशसान द्वारा जबलपुर ज़िले में अभी तक 47 खरीदी केंद्रों की सूची जारी की गई है, जहां खरीदी प्रारंभ हो जाना चाहिए थी, लेकिन दुखद पहलू यह है कि अब तक गेहूं की खरीदी प्रारम्भ नहीं हो सकी। यह प्रशासन की नाकामी है, खरीदी प्रारंभ होने के पूर्व समस्त तैयारियां खरीदी केंद्रों में पूर्ण करने की जिम्मेदारी खरीद प्रभारियों की है। जिन्होंने अपने दायित्वों का निर्वाहन नहीं किया। खरीदी संस्थाएं शासन के निर्देशों की अव्हेलना कर रही है| इसका प्रत्यक्ष उदाहरण पाटन तहसील के गैररेहा, तेरह मील जबलपुर दमोह रोड स्थित शकुन गोडाउन है, जिसको खरीदी केंद्र बनाया गया है | भारत कृषक समाज जबलपुर जिला कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य एवं किसान सेवा संगठन के संरक्षक रामकिशन पटेल जब वहाँ गये तो देखा की इस खरीदी केंद्र में कोई भी सुविधाएं नहीं है,शकुन गोडाउन में न तो पोस्टर्स लगे हैं न ही गोडाउन की साफ सफाई हुई है, कमरों में चारों तरफ कचरा भरा पड़ा है,पुराने सड़े गले बारदानो के ढेर लगे हुए है, न ही कार्यालय कार्यरत है, न ही कोई कर्मचारी वहाँ मौजूद है। बारदाना भी वहाँ अभी तक नहीं पहुंचा है। किसान जाते हैं तो देखकर लौट आते हैं। यहां गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा कृषि कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है और प्रशासन उदासीन है| जिससे शासन की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
किसानों के गैर राजनैतिक,वर्ग विहीन, राष्ट्रीय संगठन भारत कृषक समाज, महाकौशल प्रांत के अध्यक्ष इंजी. के के अग्रवाल ने मुख्य मंत्री एवं मुख्य सचिव को ई मेल द्वारा जबलपुर जिले में उपार्जन व पोर्टल की गड़बड़ियों की इस स्थिति से अवगत कराते हुए कलेक्टर से तुरंत खरीद व्यवस्था सुचारु कराने हेतु कड़े कदम उठाने आग्रह किया है, अनेक किसानों के पंजीयन होने व खेत में गेहूँ की फसल लगी होने के बावजूद पोर्टल पर रकवा असत्यापित दर्शाया जा रहा है, किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो रहे, यह किसानों के साथ धोखा है, इसकी जांच कराई जाकर, दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही किये जाने की मांग की गई है। जबलपुर जिले में विगत वर्ष 100 से अधिक खरीद केंद्र स्थापित थे इस वर्ष केवल 47 केंद्र ही बनाये गये हैं, इससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन से मांग की गई है कि खरीदी केंद्रों का वरिष्ठ अधिकारियों से तुरंत निरीक्षण कराया जाए और खरीदी केंद्र की संख्या भी बढ़ाए जाएँ| गेहूं खरीदी के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए, जिससे किसान परेशान न हो कृषि कल्याण बर्ष का उदेश्य भी फलीभूत हो।