मेडिकल इमरजेंसी में रेलवे की तत्परता – महिला यात्री की समय पर सहायता कर बचाई स्थिति

जबलपुर। यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जबलपुर रेल मंडल ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दिनांक 16 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 20174 में कोच C-3 में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को अचानक अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) की समस्या हो गई। उक्त महिला यात्री श्रीमती रोशनी शुक्ला (उम्र 26 वर्ष), अपने पति श्री रामभूषण शुक्ला (उम्र 35 वर्ष) के साथ रीवा से रानी कमलापति स्टेशन तक यात्रा कर रही थीं।

पिपरिया स्टेशन पार करने के पश्चात महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने पर उनके पति द्वारा तत्काल रेलवे स्टाफ को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मियों – श्री राजेश मिश्रा (उप मुख्य टिकट निरीक्षक), श्री अमन शाह (उप मुख्य टिकट निरीक्षक) एवं महिला आरक्षक सुश्री उमा पटेल – ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाते हुए तत्काल भोपाल कंट्रोल (CCOR BPL) को सूचित किया।

रेलवे की त्वरित समन्वय व्यवस्था के तहत गाड़ी के इटारसी स्टेशन पहुंचते ही पहले से तैयार मेडिकल टीम मौके पर उपलब्ध हो गई। रेलवे स्टाफ द्वारा महिला यात्री को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। तत्पश्चात एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका आगे का उपचार जारी है।

इस सराहनीय कार्य में रेलवे कर्मियों की संवेदनशीलता, सतर्कता एवं त्वरित निर्णय क्षमता ने एक संभावित गंभीर स्थिति को समय रहते नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जबलपुर रेल मंडल यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय रेल न केवल यात्रा का माध्यम है, बल्कि संकट की घड़ी में यात्रियों का भरोसेमंद सहारा भी है।

रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचित करें, ताकि समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।


जनसंपर्क अधिकारी
पश्चिम मध्य रेलवे,
जबलपुर मंडल



*मेडिकल इमरजेंसी में रेलवे की तत्परता – महिला यात्री की समय पर की मदद

जबलपुर। यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जबलपुर रेल मंडल ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।दिनांक 16 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 20174 में कोच C-3 में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को अचानक अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) की समस्या हो गई। उक्त महिला यात्री श्रीमती रोशनी शुक्ला (उम्र 26 वर्ष), अपने पति श्री रामभूषण शुक्ला (उम्र 35 वर्ष) के साथ रीवा से रानी कमलापति स्टेशन तक यात्रा कर रही थीं।पिपरिया स्टेशन पार करने के पश्चात महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने पर उनके पति द्वारा तत्काल रेलवे स्टाफ को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मियों – श्री राजेश मिश्रा (उप मुख्य टिकट निरीक्षक), श्री अमन शाह (उप मुख्य टिकट निरीक्षक) एवं महिला आरक्षक सुश्री उमा पटेल – ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाते हुए तत्काल भोपाल कंट्रोल (CCOR BPL) को सूचित किया।रेलवे की त्वरित समन्वय व्यवस्था के तहत गाड़ी के इटारसी स्टेशन पहुंचते ही पहले से तैयार मेडिकल टीम मौके पर उपलब्ध हो गई। रेलवे स्टाफ द्वारा महिला यात्री को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। तत्पश्चात एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका आगे का उपचार जारी है।इस सराहनीय कार्य में रेलवे कर्मियों की संवेदनशीलता, सतर्कता एवं त्वरित निर्णय क्षमता ने एक संभावित गंभीर स्थिति को समय रहते नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जबलपुर रेल मंडल यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय रेल न केवल यात्रा का माध्यम है, बल्कि संकट की घड़ी में यात्रियों का भरोसेमंद सहारा भी है।