कांग्रेस संगठन के प्रदर्शन पर हाईकमान की नजरें, समीक्षा में होगा जिला कांग्रेस अध्यक्षों के भाग्य का फैसला


जबलपुर,। कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए संगठन सृजन अभियान के तहत अब मध्य प्रदेश की अध्यक्षो के क्रियाकलापो की घड़ी आ गई है| इसमें जबलपुर शहर के अध्यक्ष सौरभ शर्मा और ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजय यादव द्वारा अब तक संगठन की मजबूती और सत्ता के खिलाफ किए गए आंदोलनों के लिए कितने सफल कदम उठाए गए, इसकी समीक्षा भोपाल में 15 से 18 अप्रैल तक संभागवार की जाएगी| अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि वामसी रेड्डी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की मौजूदगी में इस प्रक्रिया को भोपाल कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में पूरा किया जायेगा|


इस पूरी प्रक्रिया में जबलपुर के नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा और ग्रामीण अध्यक्ष संजय यादव के कामकाज की स्क्रूटनी की जाएगी। पिछले कुछ समय से इन दोनों अध्यक्षों के विरुद्ध स्थानीय स्तर पर लगातार असंतोष के स्वर उभर रहे हैं। अब उन्हें केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के सामने अपनी उपयोगिता प्रमाणित करनी होगी।
कांग्रेस के संगठन सर्जन अभियान के तहत इसके पूर्व पिछले दो महिनों में दो बार कांग्रेस के जिला अध्यक्षों का आंकलन किया जा चुका है|

अब तीसरी बार इस समीक्षा को निर्णायक दौर में रखा गया है| इस समीक्षा के बाद कमजोर प्रदर्शन करने वाले अध्यक्षों को हटाया जाना लगभग तय माना जा रहा है| सूत्रों का कहना है कि जिन जिलों में गुटबाजी चरम पर है या जहां से शिकायतों का पुलिंदा प्रदेश मुख्यालय तक पहुंचा है, वहां नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि के रुप में भोपाल आ रहे वामसी रेड्डी का दौरा इस बात का संकेत है कि केंद्रीय हाईकमान अब संगठन की मजबूती को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।

मैदानी हकीकत की होगी समीक्षा………

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होने वाली इन बैठकों में सभी जिलाध्यक्षों को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान संगठन निर्माण की प्रगति, क्षेत्रीय चुनौतियों और भविष्य की चुनावी रणनीति पर बिंदुवार चर्चा होगी।

जबलपुर के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां का असंतुष्ट खेमा पिछले काफी समय से सौरव शर्मा और संजय यादव के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।

अब यह देखना होगा कि इन शिकायतों का प्रभाव उनके राजनीतिक करियर पर क्या पड़ता है। ​संगठन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 17 अप्रैल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का एक विशाल सम्मेलन बुलाया गया है।

इस सम्मेलन में ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को बूथ मैनेजमेंट और संगठन विस्तार की बारीकियां सिखाई जाएंगी।