कटनी : जिले के शिवनगर क्षेत्र में मानवता और निःस्वार्थ सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया, जहाँ निवासी कलाबाई, पत्नी कोदू दास, के निधन के पश्चात उनके पार्थिव शरीर का देहदान किया गया। यह पुनीत कार्य संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं और प्रेरणा से संपन्न हुआ, जिनका संदेश मानव सेवा, समानता और विश्वबंधुत्व पर आधारित है।
इस सराहनीय कार्य को मान्यता देते हुए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर द्वारा परिजनों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय प्रशासन ने इसे समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसकी सराहना की।
परिजनों ने बताया कि कलाबाई संत रामपाल जी महाराज की शिष्या थीं और उनके सत्संगों से उन्होंने यह शिक्षा ग्रहण की थी कि समस्त मानव समाज एक परिवार है। इसी सोच को जीवनभर अपनाते हुए उन्होंने अपनी अंतिम यात्रा में भी मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी। परिवार में उनके पुत्र प्रकाश कुशवाहा और जय कुमार कुशवाहा, तथा पुत्री उमा कुशवाहा सहित सभी परिजनों ने मिलकर उनके इस संकल्प को साकार किया।
इस अवसर पर कलाबाई को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। यह सम्मान उनके प्रति श्रद्धांजलि के साथ-साथ उनकी सेवा भावना को नमन करने का प्रतीक रहा।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण लोगों को निःस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।