जबलपुर। आधुनिक प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भारतीदासन विश्वविद्यालय ने डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. कामेश सतीश पवार के शैक्षणिक कार्य को शैक्षणिक वर्ष 2024–2025 के एमबीए (वित्तीय प्रबंधन) पाठ्यक्रम में शामिल किया है।
यह उपलब्धि न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि मध्यप्रदेश के शोधकर्ताओं के लिए गर्व का क्षण भी है। उनकी सह-लेखित पुस्तक “फिनटेक इन इंडिया”, जिसे एडविन इनकरर्पोरेशन द्वारा प्रकाशित किया गया है, वाणिज्य एवं वित्तीय अध्ययन विभाग के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तक के रूप में अपनाई गई है। विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि दोनों ही शोधकर्ता मध्यप्रदेश से हैं, और उनकी यह उपलब्धि राज्य के शैक्षणिक इतिहास में एक नई मिसाल स्थापित करती है।
यह निर्णय विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह शैक्षणिक ज्ञान को उद्योग की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने का प्रयास कर रहा है—विशेषकर तेजी से विकसित हो रहे फिनटेक क्षेत्र में।
यह पुस्तक ब्लॉकचेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल वित्त जैसी उभरती तकनीकों के वित्तीय क्षेत्र में उपयोग को सरल और प्रभावी ढंग से समझाती है, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं समकालीन ज्ञान प्राप्त होता है।
डॉ. अनिल कुमार, एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, व्यवसाय में तकनीकी अनुप्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। वहीं, डॉ. कामेश सतीश पवार, मात्र 29 वर्ष की आयु में, एक युवा एवं ऊर्जावान शोधकर्ता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। वे साउथ एशिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के वाईस चेयरमैन के रूप में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और प्रबंधन एवं फिनटेक के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।