आयुध निर्माणी गौरव दिवस मनाया गया, कंपनीकरण से अस्तित्व बचाने लिया संकल्प


जबलपुर। 18 मार्च 1802 को आयुध निर्माणी अस्तित्व में आया तब से 18 मार्च को आयुध निर्माणी दिवस के रूप में कर्मचारियों द्वारा मनाया जाने लगा आजादी के बाद अब तक कुल 41 निर्माणिया अस्तित्व में है इनमें काम करने वाले कर्मचारी देश के तीनों सेना के लिए हथियार गोला बारूद वाहन एवं सैनिकों की वर्दी जूता इत्यादि विभिन्न सामानों का उत्पादन करते आ रहे हैं इन्हीं उत्पादों का इस्तेमाल कर 1962 1965 1971 एवं 1999 के जंग में उपयोग किया गया और जंग जीती गई| इन कारखानों को सेनाओं के बाद चौथा स्तंभ माना जाता था वर्तमान में इन 41 निर्माणियों को सात भागों में बांटकर अलग-अलग कंपनी में तब्दील कर दिया गया जिसमें इन कारखाने के अस्तित्व में गहरा संकट मंडराने लगा कोविड के समय जहां सरकारी कर्मचारियों ने सड़क पर उतर कर देश की जनता की मदद की, ठीक उसी के बाद 1 अक्टूबर 2021 में आयुध निर्माणियों के कर्मचारियों को कंपनियों के हवाले कर दिया गया मगर कर्मचारियों द्वारा अपना गौरव दिवस 18 मार्च को याद कर आयुध निर्माणियों दिवस मनाते आ रहे हैं निर्माणियों को बचाने हेतु एक मंच तैयार किया गया जिसका नाम यूनाइटेड फोरम ऑफ आर्डिनेंस एम्पलाई (यूएफओई) रखा गया जिसमें लगभग सभी श्रमिक संगठन के साथ अधिकारी वर्ग (आईओएफएस) इंडियन आर्डिनेंस फैक्ट्री सर्विसेज भी इस मंच में शामिल होकर निर्माणियों को बचाने हेतु संघर्षरत है आयुध निर्माणी दिवस पर जीसीएफ में सुबह निर्माणी के तीनों गेट पर सभी श्रमिक संगठन के नेता एवं पदाधिकारी द्वारा आयुध निर्माणियों का बैच लगाकर आयुध निर्माणियों का मान बढ़ाया एवं भोजन अवकाश के दौरान जीसीएफ के मुख्य द्वार पर निर्माणियों को बचाने एवं याद रखने हेतु शपथ ली गई| लिया गया जहां निर्माणी के मुख्य महाप्रबंधक राजीव गुप्ता ने शपथ का वाचन किया एवं कर्मचारियों ने इसे दोहराया| इस अवसर पर महाप्रबंधक राहुल चौधरी महाप्रबंधक ऋतुराज द्विवेदी महाप्रबंधक सतीश शर्मा के साथ यूनियन एसोसिएशन के विनय गुप्ता रोहित यादव उत्तम विश्वास अमित चंदेल राकेश रजक संदीप कतरे राजेश जंभुलकर सिद्धार्थ ठाकुर अजय रजक मनीष चौरसिया इत्यादि के साथ निर्माणी के कई अफसर एवं कर्मचारी नेता उपस्थित थे|