जबलपुर। शहर में कुकिंग गैस को लेकर हालात दिन- ब- दिन बिगड़ते जा रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही। गैस बुकिंग के लिए फोन करने पर नंबर नहीं लग रहे, ऑनलाइन बुकिंग में सर्वर डाउन की समस्या सामने आ रही है और ओटीपी तक समय पर नहीं पहुंच रही। ऐसे में आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के विभिन्न इलाकों में उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के लिए कई-कई बार कॉल करने के बावजूद नंबर नहीं लग रहा। ऑनलाइन बुकिंग के दौरान सर्वर डाउन बता रहा है। जिन लोगों ने किसी तरह बुकिंग कर भी ली, उन्हें ओटीपी नहीं मिलने की शिकायत है। इससे बुकिंग प्रक्रिया अधर में लटक रही है।
एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें…
गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही महिलाओं और बुजुर्गों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि प्रशासन केवल कागजों में व्यवस्था नियंत्रित होने का दावा कर रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
बाजार पर भी असर …
गैस संकट का असर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। कोयले के दाम बढ़ गए हैं, जिससे ढाबों और छोटे होटल संचालकों की लागत बढ़ रही है। वहीं इंडक्शन चूल्हे बाजार से लगभग गायब हो गए हैं या ऊंचे दामों पर बिक रहे हैं। लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हों की खरीद बढ़ा दी है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप…….
संकट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि प्रशासन दिखावे की कार्रवाई कर रहा है और वास्तविक समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं दे रहा। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है और तकनीकी कारणों से अस्थायी दिक्कतें आ रही हैं।
गंभीर हो सकती है स्थिति……….
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 10–15 दिनों तक हालात नहीं सुधरे, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। शादी-ब्याह और आयोजनों पर असर पड़ने की आशंका है। घरेलू रसोई के साथ-साथ होटल और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित होंगे।
शहरवासियों की मांग है कि प्रशासन तत्काल सर्वर और बुकिंग सिस्टम की तकनीकी समस्या दूर कर आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करे, ताकि आमजन को राहत मिल सके। फिलहाल, जबलपुर में कुकिंग गैस को लेकर मचा हाहाकार थमता नजर नहीं आ रहा।