गैस की किल्लत से व्यंजनो में कटौती, शादी में अब नहीं मिलेगी चाट चटनी


जबलपुर,। शहर में एलपीजी गैस की बढ़ती किल्लत अब सीधे तौर पर होटल और खानपान कारोबार पर असर डालने लगी है। शादी के मेन्यू में कैंची चलने लगी है| केटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि जहां पहले शादी में 20 से 40 प्रकार के व्यंजन बनते थे अब उसमें 40 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है|

वहीं दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बाधित होने से छोटी-छोटी चाय-नाश्ते की दुकानें बंद रहने को मजबूर हैं, वहीं बड़े होटलों और कैटरिंग कारोबार में भी संकट की स्थिति बन गई है। शादी समारोहों और पार्टी आयोजनों में व्यंजनों की संख्या घटा दी गई है, जिससे ग्राहकों और कारोबारियों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।


होटल संचालकों का कहना है कि पहले जहां एक शादी समारोह में 20 से 40 प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते थे, वहीं अब गैस की कमी के कारण मुश्किल से 9 से 10 आइटम ही बन पा रहे हैं। कई कैटरर्स ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे, जिसके कारण बड़े ऑर्डर लेने से भी बचना पड़ रहा है।

शादी सीजन पर पड़ा प्रभाव……….

वर्तमान में चल रहे शादी सीजन में गैस संकट ने आयोजनों की रौनक फीकी कर दी है। कई परिवारों को अंतिम समय में मीनू में बदलाव करना पड़ा है। कुछ आयोजनों में तंदूरी और गैस आधारित व्यंजन हटाकर सीमित मेनू रखा गया है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो उन्हें बुकिंग रद्द करने की नौबत आ सकती है।

दरअसल शादियों में भोजन से ज्यादा, चाट चटनी और अन्य तरह के व्यंजन तैयार किए जाते है जिनमें आमतौर पर आलू चाप चाट, डोसा, चीला, चायनीज, मिक्स वेज, और कई प्रकार के मीठा व दूध, आदि व्यंजनों पर कुछ तैयार करने के साथ-साथ काउंटर पर भी रसोई गैस की आवश्यकता होती है, अब चाट चटनी कम होने के साथ मिठाई का दायरा भी सिमट गया, अब दाल चावल सब्जी रोटी और पूड़ी और एक मीठे पर कहानी अटक गई|

छोटी दुकानों पर सबसे ज्यादा असर …

शहर के बाजारों में कई ठेला-खोमचा संचालक और छोटे होटल मालिकों ने अस्थायी रूप से दुकानें बंद कर दी हैं। उनका कहना है कि घरेलू सिलेंडर का उपयोग करने पर कार्रवाई का डर है और कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे। ऐसे में रोज कमाने-खाने वाले व्यापारियों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।

प्रशासन और आपूर्ति की स्थिति…………..

प्रशासन का कहना है कि गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करने के प्रयास जारी हैं और कालाबाजारी पर सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आपूर्ति में अस्थायी व्यवधान की स्थिति है, जिसे जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।


फिलहाल शहर में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है। अगर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो इसका व्यापक असर शहर की अर्थव्यवस्था और सामाजिक आयोजनों पर पड़ सकता है।