जबलपुर, । महिलाएं विकसित समाज की नींव होती हैं, इसके बिना सभ्य समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती,उक्त वक्तव्य मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं लक्ष्मी बाई साहू ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ सीता साहू ने प्रसंग अंतरराष्ट्रीय मंच की अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की काव्य गोष्ठी में कहे, संस्थागत उद्बोधन एवं आशीर्वचन में वरिष्ठ साहित्यकार इंजीनियर विनोद ‘नयन’ ने कहा कि यदि समाज का विकास करना है तो महिलाएं सशक्त हों और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों का उचित प्रयोग करें।कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा निवृत्त प्राचार्य,वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ मुकुल तिवारी ने की|
मंगलभाव नवयुग की पूर्व प्राचार्य एवं साहित्य संसार की संरक्षक डॉ शोभा सिंह ने प्रस्तुत किए, स्वागत उद्बोधन प्रसंग की सचिव डॉ रानू रूही ने दिया, सरस्वती वंदना साहित्य संसार की सचिव तरुणा खरे ने प्रस्तुत की।
इस आभासी पटल के आयोजन में डा मकबूल अली कादरी, बसंत शर्मा ,कृष्णा राजपूत,शशि सिंह परिहार इंदु सिंह कंचन, एडवोकेट तृप्ति त्रिवेदी, कविता नेमा,काव्या, प्रोफेसर शरद नारायण खरे मंडला से, साधना छिरोल्या दमोह, डॉ मनोरमा गुप्ता, डॉ संध्या पाठक, प्रीति नामदेव भूमिजा, रजनी कटारे, गायत्री चौबे, सुनीता परसाई, ज्योत्सना शर्मा, अर्चना गोस्वामी कीर्ति चौरसिया ने महिलाओं पर अपने, गीत, कविता, ग़ज़ल प्रस्तुत की,कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ.विनीता पाण्डेय एवं आभार प्रदर्शन सह सचिव डॉ. अंकिता नेमा ने किया|