जबलपुर – मोटे अनाजों को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि वर्ष -2026 के अंतर्गत आज बुधवार को जबलपुर में पुलिस लाईन स्थित हॉकी ग्राउंड में तीन दिवसीय कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ हुआ। श्रीअन्न (मिलेट्स) से बने व्यंजनों की महक, स्थानीय संस्कृति एवं आधुनिक कृषि यंत्रों का संगम बने कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल के पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोगों ने दिलचस्पी दिखाई और आयोजन स्थल पहुँचकर इसकी गरिमा को बढाकर इसे मिलने वाली व्यापक सफलता के संकेत दिये।
कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि के रूप में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पी के मिश्रा, भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल, जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति के अध्यक्ष श्री मनोहर सिंह, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के डॉ टी आर शर्मा, मंगलायतन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ एस पी तिवारी, संयुक्त संचालक कृषि के एस नेताम और मल्टीलेयर फार्मिंग विशेषज्ञ आकाश चौरसिया मौजूद रहे। उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन अतिथियों का स्वागत किया।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा 11 से 13 मार्च तक लगाये जा रहे कृषि मेला एवं फूड फेस्टिवल के शुभारंभ पर कृषक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से चर्चा की। इस अवसर पर अतिथियों ने श्रीअन्न से बने सेहतमंद व्यंजनों के स्टॉलों का अवलोकन किया। इसमें पातालकोट की रसोई ने सभी का मन मोह लिया। मेले में आए कृषकों के लिए भी भोजन की सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
‘ई-विकास’ और आधुनिक तकनीक पर जोर :-
किसानों के तकनीकी सशक्तिकरण के लिए कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल में ‘ई-विकास पोर्टल’ बूथ स्थापित किया गया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय एवं इफको सहित विभिन्न जैविक उत्पाद कंपनियों के सौ से अधिक स्टॉल भी लगाये गये हैं। इन स्टॉलों में किसानों को उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक यंत्रों की जानकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है।
आकर्षण का केंद्र बनी मिलेट्स रंगोली :-
कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल में मिलेट्स गैलरी एवं सेल्फी प्वाइंट भी बनाई गई है, जिसने न केवल किसानों को बल्कि वहां उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों को भी गहरे तक प्रभावित किया। कृषि मेला के प्रवेश द्वार पर तथा मेला प्रांगड़ में बनाई गई मिलेट्स रंगोली किसी साधारण कलाकृति से कम नहीं थी। ज्वार, बाजरा, रागी और कोदो जैसे विभिन्न प्रकार के मोटे अनाजों के प्राकृतिक रंगों से बनी यह रंगोली न केवल देखने में अद्भुत थी, बल्कि यह संदेश दे रही थी कि मिलेट्स का उत्पादन हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए कितना जरूरी है।
मिलेट्स रंगोली के साथ ही आगंतुकों के लिये मिलेट्स गैलरी एक ज्ञानवर्धन का केंद्र बनी हुई है। मिलेट्स गैलरी में मोटे अनाजों की वैज्ञानिक और पोषण संबंधी जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। पहले दिन आयोजन स्थल पहुँचे नागरिकों और कृषि वैज्ञानिकों ने माना कि इस तरह के रचनात्मक प्रयासों से मिलेट्स को लेकर समाज में फैली भ्रांतियां दूर होंगी और आने वाले समय में इनकी मांग और उत्पादन दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
फूड फेस्टिवल में मिलेट्स से बने लजीज व्यंजनों ने आगंतुकों का मन मोह लिया है। यहाँ स्वाद और सेहत का अनूठा संगम देखने को मिला। बाजरा की खिचड़ी, कुटकी भात, चने की भाजी और ज्वार की घुंघरी, रागी-कुटकी का इडली सांभर, मल्टी मिलेट कुकीज और ज्वार बनाना केक इन लजीज व्यंजनों में शामिल है। इसके अलावा मक्का-बाजरा की रोटियां, मुनगा कढ़ी और कोदो-कुटकी की खीर, महुआ के लड्डू और महुआ की पूड़ी-रबड़ी विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले के दौरान शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ऑर्केस्ट्रा ने माहौल को उत्सव मय बना दिया।
उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम ने अन्नदाता किसानों और नागरिकों को भव्य उत्सव में शामिल होकर इसे और अधिक सफल बनाने के लिए आमंत्रित किया है।