श्रम कानूनों के परिवर्तन के विरोध में हड़ताल


जबलपुर । केन्द्र एवं राज्य सरकार के समस्त कर्मचारी सम्पूर्ण देश में श्रम कानूनों में परिवर्तन एवं संसोधन के विरोध में आंदोलनरत् है केन्द्रीय श्रम संगठनों द्वारा इसके विरोध में एक दिवसीय हड़ताल पर जा रही है ऑल इंडिया डिफेंस इम्पलाईज फेडरेशन ने इस हड़ताल का समर्थन करते हुए चार दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया है ए.आई.डी.ई.एफ. से संबंद्ध ओ.एफ. के. लेबर यूनियन भी लेबर लॉ के संसोधन पर गहरा विरोध दिखाते हुए आंदोलन कर रही है, फेडरेशन के संगठन मंत्री अर्नब दास गुप्ता ने कहा है कि श्रम कानूनों में परिवर्तन पूर्णतः मजदूर विरोधी है जिसे मजदूर वर्ग कभी स्वीकार नहीं करेगा उनका कहना है कि श्रम कानूनों में बदलाव के तहत् कार्य के घंटे जो कि लंबे संघर्ष के बाद 08 घंटे सुनिश्चित किया गया था उसे बढ़ा कर अब 12 घंटे किया जा रहा है इसके तहत् अब कोई भी स्थाई नियुक्ति निर्धारित नहीं है अब केवल समयकाल आधारित नियुक्ति दी जाएगी, इस नियम के तहत् न्यूनतम वेतन सुनिश्चित नहीं किया गया है, महिला कर्मचारियों को दिया जाने वाला बाल्य देखभाल अवकाश (सी.सी.एल.) को संशोधित कर वर्क फार्म होम किया जा रहा है महिलाओं को रात्रि पाली कार्य में लगाया जाने का भी प्रावधान इस संसोधन के तहत् दिया गया है जो कि पूर्णतः अनुचित है कार्य के घंटे पौने 45 से बढ़ाकर 48 किया जा रहा है इस संसोधन के तहत् आरक्षण भी समाप्त किया जा रहा है।
इसके विरोध में तथा हड़ताल के समर्थन में ओ.एफ.के. लेबर यूनियन द्वारा बैज धारण, नारेबाजी, लंच बहिष्कार, द्वार सभा साथ ही 12 फरवरी को निर्माणी में सभी कर्मचारी 01 घंटे निर्माणी में विलंब से प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन करेगी, इस आंदोलन को सफल बनाने हेतु यूनियन के पुष्पेन्द्र सिंह, सुकेश दुबे, सुरेश कन्ना, सीमेन्द्र रजक, हरीश चौबे, दिनेश नामदेव, राकेश जायसवाल दीपक ठाकुर, आशीष श्रीवास्तव, शरद अलवल, संजीव कुमार, निर्भय पटेल, प्रभात रंजन, मोहन मीना, राजू कुमार, गौतम शर्मा, प्रदीप गुप्ता, सुमित सोनकर, पवन पटेल, प्रमोद यादव, कमल नायक, वीरेन्द्र पटेल, अनिल अग्रवाल विमल महावर, प्रियंका ठाकुर, रोहित सेठ, खुशबु, तुलसा इत्यादि ने कर्मचारियों से अपील की हैं।