‘पथ विक्रेता अधिनियम का उल्लंघन कर रहा निगम, कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक ने कार्रवाई को बताया अवैध


जबलपुर। कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक और पंडित भवानी प्रसाद तिवारी वार्ड के पार्षद अयोध्या तिवारी ने आज सिविक सेंटर पथ विक्रेताओं के साथ नगर निगम पहुंचकर नगर निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण विभाग की कार्रवाई को ‘अवैध’ और जबरिया बताया…
इस दौरान अयोध्या तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ठेले एवं पथ विक्रेताओं ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर अतिक्रमण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। इस मौके पर पार्षद दल सचेतक अयोध्या तिवारी ने नगर निगम के अतिक्रमण विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई को ‘पथ विक्रेता अधिनियम 2014’ का खुला उल्लंघन बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की और कार्रवाई पर ज्ञापन के माध्यम से गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार के ‘पथ विक्रेता अधिनियम 2014’ के अनुसार, बिना वेंडिंग ज़ोन बनाए और बिना उचित पुनर्वास के किसी भी पथ विक्रेता को उसके स्थान से बेदखल नहीं किया जा सकता। वर्तमान कार्रवाई इस कानून की अवहेलना है। अयोध्या तिवारी ने आगे कहा कि एक ओर केंद्र व राज्य सरकार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत इन छोटे व्यापारियों को लोन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता उन्हें ‘अतिक्रमणकारी’ बताकर प्रताड़ित कर रहा है। और तो और नगर निगम इन विक्रेताओं से नियमित रूप से ‘बाज़ार बैठकी’ की वसूली भी कर रहा है और शुल्क लेने के बाद उन्हें अवैध मानकर हटाया जाने को न्यायसंगत बता रहा है। दरअसल नगर निगम का बिना किसी पूर्व सूचना के ठेले जब्त करना और उन पर भारी जुर्माना लगाना गरीब विक्रेताओं की कमर तोड़ना है। अयोध्या तिवारी ने कहा कि नगर निगम प्रशासन का यह दोहरा चरित्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक तरफ आप उन्हें व्यापारी मानकर लोन देते हैं और टैक्स वसूलते हैं, दूसरी तरफ उनकी रोजी-रोटी छीन रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि यदि वेंडिंग एक्ट का पालन नहीं किया गया तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वेडिंग एक्ट के माध्यम से अयोध्या तिवारी ने मांग की कि अतिक्रमण की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। सबसे पहले टाउन वेंडिंग कमेटी (टीव्हीसी) बनाई जाए, तदोपरांत टीव्हीसी के माध्यम से सर्वे कर विक्रेताओं को पहचान पत्र और सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग दिए जाएं। वेडिंग और नॉन वेडिंग जोन निर्धारित किए जाएं। जब्त किए गए ठेले और सामान को बिना जुर्माने के वापस किया जाए। इस अवसर पर पथ विक्रेता और क्षेत्रीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।