जबलपुर। जिला चिकित्सालय में नेत्र रोग विशेषज्ञ रह चुकी नगर की वरिष्ठ चिकित्सक 72 वर्षीय डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का कथित तौर पर अपहरण किए जाने पर हड़कंप मच गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए ) ने आरोप लगाया है कि डा. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ लोग करोड़ों की संपत्ति हड़पने की नीयत से जबराना कार में बैठाकर ले गए हैं।
गौरतलब हो कि डॉ. हेमलता राइट टाउन स्थित अपने बंगले में अकेली रहती थीं। उनके पुत्र डॉ. रचित श्रीवास्तव का चार वर्ष पूर्व तथा पति महेश श्रीवास्तव का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। डॉ. हेमलता वर्तमान में शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही हैं। सोमवार की शाम के सामने आए एक वीडियो में सफेद कार में सवार कुछ लोग उन्हें ले जाते दिख रहे हैं। कार का नंबर आंशिक रूप से मिटा हुआ था। जब पड़ोसी डॉ. अभिजीत मुखर्जी ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कार सवारों ने गायत्री मंदिर में बात करने का हवाला दिया।
इसके बाद मामले की जानकारी जबलपुर आईएमए तक पहुंची और तब आईएमए की अध्यक्ष डॉ.ऋचा शर्मा ने इस सिलसिले में कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रेषित पत्र में उल्लेख किया गया है कि 22 जनवरी 2026 को डॉ. हेमलता की खराब मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर धोखाधड़ी से उनकी 20 हजार स्क्वॉयर फीट जमीन और बंगला गायत्री मंदिर के नाम करा लिया गया है। आईएमए ने डॉ. हेमलता की अपनी बहन (जो स्वयं स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. आरोपित है कि डॉक्टर को इलाज के लिए आईसीयू की जरूरत है, लेकिन उन्हें जानबूझकर मंदिर ले जाया गया ताकि इलाज के अभाव में उनकी मृत्यु हो जाए और संपत्ति पर कब्जा किया जा सके। इस संबंध में मदन महल थाना प्रभारी धीरज राज के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बहन ने दी सफाई ……………..
इस मामलें के तूल पकड़ने के बाद गायत्री परिवार से जुड़ी डॉक्टर अमिता सक्सेना ने सफाई देते हुए कहा कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव मेरी सास के पास आती थी और दो साल से गायत्री परिवार को संपत्ति दान किए जाने की बात चल रही थी| उनकी स्त्री रोग विशेषज्ञ बहन भी अपनी संपत्ति गायत्री परिवार को दान कर चुकी है| डॉक्टर अमिता सक्सेना ने आगे कहा कि आसपास के चिकित्सकों पर डॉक्टर हेमलता की संपत्ति पर नजर होने का भय था| इसी वजह से उन्हें आसपास के किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराना चाहते थे| उनका किसी तरह अपहरण नहीं किया गया, वरन कार में बैठाकर मंदिर के दर्शन कराने ले जा रहे थे| डॉक्टर अमिता सक्सेना के मुताबिक, डॉ. हेमलता की इच्छा थी कि बीमार रहती हूं इसलिए मुझे एक बार मंदिर के दर्शन करा दिए जाए| इसी वजह से उनकी इच्छा के मुताबिक उन्हें कार में बैठाकर मंदिर के दर्शन कराने ले जा रहे थे, जिसे वीडियो बनाकर अपहरण किए जाने का प्रचार किया गया| उन्होंने कहा कि इस मामलें में आईएएम का पत्र लिखना भी गलत है| जिन डॉक्टरों ने उनकी जमीन पर गलत तरीके से कब्जा किया, उन्होंने किया या किसी ओर ने प्रमोट किया वह भी डॉक्टर हेमलता की जमीन को विवाद में डालना चाह रहे है| गायत्री परिवार से जुड़ी डॉ.अमिता सक्सेना ने आगे कहा कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव, संस्था को दान करना चाहती है इसमें लोगों को किसी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए| वास्तविकता यही है कि वह और उनकी बहन गायत्री परिवार को अपनी संपत्ति दान करना चाहती है और इससे दूसरों को आपत्ति हैं| इस मामलें में हम न्यायपूर्ण कार्रवाई करेंगे|