जबलपुर । नागरिक मार्गदर्शक उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांड ने कहा है कि उपभोक्ताओं के परिसरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का एडीशनल ऑपरेशनल का खर्च भी उपभोक्ताओं से वसूलने तैयारी कर ली गई है| डॉ नाजपांडे ने कहा है कि विद्युत नियामक आयोग के समक्ष विद्युत दर वृद्धि का जो प्रस्ताव जो भेजा है उसमें 307.8 करोड़ रुपए की अनुमति मांगी है| कंपनी के इस प्रस्ताव से ऊर्जा मंत्री के उस दावे की पोल खुल गई, जिसमें उन्होंने स्मार्ट मीटर फ्री लगाने का दावा किया था| इधर बिजली कंपनियों का कहना है कि इस वर्ष आयोग ने पहले ही ”मल्टीईयर टेरिफ”आदेश में प्रदान कर दी, अब सिर्फ अनुमति मिलना बाकी है| इस मामलें में उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे ने आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है| जिसमें कहा गया है कि आरडीएसएस योजना के अतंर्गत लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर हेतु पूरी योजना का 15 प्रतिशत तथा 7.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भारत सरकार दे रही है| साथ ही बिलिंग डाटा तथा अन्य कार्यों का खर्च केंद्र सरकार उठा रही है|
ऐसे में एडीशनल ऑपरेशनल खर्च उपभोक्ताओं से क्यों वसूलना चाहिए| उन्होंने नियामक आयोग से मांग की है कि बिजली कंपनी को दी गई अनुमति खारिज करनी चाहिए| गौरतलब है कि आज 25 जनवरी रविवार को आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि है।
फ्री स्मार्ट मीटर वादे पर कायम रहे सरकार…
मंच के रजत भार्गव, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, सुशीला कनौजिया, डीआर लखेरा, गीता पांडे, आदि ने मप्र शासन से अपील की है कि विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत नियामक आयोग को ऐसी वसूली को खारिज करने को कहा जाए, जिससे सरकार फ्री स्मार्ट मीटर का अपना वादा पूरा कर सके| उपभोक्ता मंच ने आपत्ति दर्ज करा दी है, जनसुनवाई के दौरान भी इस मामलें को उठाया जाएगा।