बंद पड़ा है गुलौआ ताल का एसटीपी, जलजीवन, जैव विविधता खतरे में


जबलपुर। जबलपुर के ऐतिहासिक जल स्त्रोत “गुलौआ तालाब” का न केवल जल जीवन, जैव विविधता भीषण गंभीर स्थिति में है, बल्कि स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य, स्वच्छ जल तथा भू-जल रिचार्ज की व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। 8 साल पूर्व में लगे हुए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन्द पड़ा है।
इस भीषण स्थिति पर आक्रोश जताते हुए नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पी.जी. नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने शिकायत भेजकर मांग की है कि 24 घंटे के भीतर गुलौआ तालाब का एस.टी.पी. शुरू किया जायें। तालाब का जल जीवन, स्वच्छ जल तथा भू-जल रिचार्ज नष्ट करने वालों पर एफ.आई.आर. दर्ज करें तथा दोषियों से एनवायरमेन्टल मुआवजा वसूला जायें। तदानुसार कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, जैव विधिवता बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा केन्द्रीय जल आयोग को पत्र भेजा गया।

जन स्वास्थ्य पर घोर आघात………….

एड. प्रभात यादव ने बताया कि पिछले 8 वर्ष की यह स्थिति दायित्वों का स्पष्ट उल्लंघन तथा प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। इस कारण जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 जैव विविधता अधिनियम 2002 तथा नगर निगम अधिनियम 1956 का उल्लंघन हुआ है। जन स्वास्थ्य पर घोर आघात हुआ है।