ओटी में एचआरए और टीए शामिल किया जाएगा, रक्षा क्षेत्र को मिला न्याय, सरकार की एसएलपी खारिज


जबलपुर। 13 वर्षों से अधिक समय तक चले लंबे, निरंतर और दृढ़ कानूनी संघर्ष के बाद, सर्वोच्च न्यायालय ने भारत सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया है, जिससे मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा गया है। एआईडीईएफ के संगठन मंत्री अर्नब दासगुप्ता ने बताया है , कि महासंघ के अध्यक्ष कॉमरेड एस एन पाठक एवं महा सचिव ने सूचित किया कि एसएलपी (सिविल) संख्या: 12845-12852 वर्ष 2012 भारत संघ द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर कि जिसमें उन्होंने भारी वाहन कारखाना कर्मचारी संघ और अन्य के पक्ष में मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा कर्मचारियों के पक्ष में दिए गए निर्णय के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कि थी , जिसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजेश बिंदल एवं न्यायाधीश विजय विश्नोई के खंडपीठ ने खारिज कर दिया एवं मद्रास उच्च न्यायालय के निर्णय को यथावत रखते हुए शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए।
सर्वोच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब ओवरटाइम (ओटी) की गणना में एचआरए , टीए और एसएफए को शामिल किया जाएगा, यही नहीं 2008 से सभी कर्मचारियों को इसका एरियर प्रदान किया जाएगा ।

कर्मचारियों में खुशी की लहर……….

मजदूर संघ हथौड़ा के मीडिया प्रमुख उत्तम विश्वास ने बताया कि इस आदेश के बाद शहर स्थित भारत सरकार रक्षामंत्रालय के अंतर्गत कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों में खुशी की लहर है| यह लाभ रक्षा मंत्रालय के सभी नागरिक कर्मचारियों पर लागू होता है जैसे कि आयुध निर्माणियाँ, डीआरडीओ, भारतीय नौसेना, डीजीक्यूए/डीजीएक्यूए इन सभी के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को अच्छा खासा एरियर का भुगतान किया जाएगा , जिन कर्मचारियों सेवानिवृत्त हो गए या उनका निधन हो गया उन्हें भी इसका लाभ दिया जाएगा ।
फैडरेशन के अध्यक्ष कॉमरेड एस एन पाठक एवं महामंत्री कॉमरेड सी श्रीकुमार का धन्यवाद किया है।