जबलपुर । मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सबस्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
विश्वसनीय बिजली आपूर्ति…………
एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था।
उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी।
अतिरिक्त सर्किट की सुविधा……..
अब 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है।
इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।
इनका रहा प्रमुख योगदान………
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक पूर्ण करने में एम.पी. ट्रांसको के टेस्टिंग विंग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रमुख रूप से मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना, अधीक्षण अभियंता आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता नरेन्द्र पटेल, सहायक अभियंता चेतन यादव एवं आर.एस. बैस, तथा सुपरवाइजर आर.के. श्रीवास्तव का उल्लेखनीय योगदान रहा।