जबलपुर। एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के जबलपुर में पदस्थ इंजीनियर्स ने अपनी तकनीकी दक्षता, मेटेरियल मैनैजमैंट और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रभावी परिचय देते हुए 40 एम.व्ही.ए. क्षमता के एक अत्यधिक क्षतिग्रस्त पावर ट्रांसफार्मर की सबस्टेशन स्थल पर ही मेजर रिपेयरिंग कर उसे सफलतापूर्वक पुनः ऊर्जीकृत किया।
इस प्रयास से कंपनी को संभावित आर्थिक नुकसान से तो बचाया जा सका साथ ही रबी फसल के महत्वपूर्ण लोड सीजन के दौरान ट्रांसमिशन नेटवर्क में लंबे आउटेज की आशंका को भी समाप्त किया गया।
मनगवां मे क्षतिग्रस्त हुआ था ट्रांसफार्मर……………….
रीवा जिले के 132 के.व्ही. सबस्टेशन, मनगवां में स्थापित 40 एम.व्ही.ए. पावर ट्रांसफार्मर तकनीकी कारणों से आग लगने के चलते गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था।
ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी के इंजीनियर द्वारा निरीक्षण के उपरांत यह अभिमत व्यक्त किया गया कि ट्रांसफार्मर की साईट पर रिपेरिंग संभव नहीं है तथा इसे कंपनी के वर्क्स में भेजकर रिपेयरिंग कराना आवश्यक होगा।
किंतु रबी सीजन के दौरान क्षेत्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क में 40 एम.व्ही.ए. क्षमता की महत्ता एवं स्थानीय ट्रांसमिशन नेटवर्क आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एम.पी. ट्रांसको प्रबंधन द्वारा इसे साईट पर ही रिपेयर करने का निर्णय लिया गया।
जबलपुर के अधीक्षण अभियंता श्री शर्मा की अगुवाई………
मुख्यालय जबलपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता आर.सी. शर्मा के मार्गदर्शन में साईट पर ही मेजर रिपेयरिंग हेतु विस्तृत तकनीकी कार्ययोजना तैयार की गई।
प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध ट्रांसफार्मर स्पेयर्स, जिनमें एच.वी./एल.वी. बुशिंग, प्रेशर रिलीफ डिवाइस, ऑयल वॉल्व, विभिन्न ओ-रिंग्स एवं गैस्केट्स (जो ट्रांसफार्मर में ऑयल लीकेज रोकने हेतु आवश्यक होती हैं), की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
जबलपुर के कार्यपालन अभियंता नरेन्द्र पटेल के साथ अधीक्षण अभियंता श्री शर्मा द्वारा मनगवां में कैंप कर लगभग 15 दिनों के भीतर उच्च तकनीकी स्तर के रिपेयरिंग कार्यों को चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया गया।
इस दौरान क्षतिग्रस्त बुशिंग को डिस्मेंटल कर उनके स्थान पर लोकली मॉडीफाइड बुशिंग टरेट में फिटमेंट, ट्रांसफार्मर के टॉप कवर सहित विभिन्न पार्ट्स की गैस्केट रिप्लेसमेंट, आवश्यक प्री एवं पोस्ट-रिपेयर टेस्टिंग, ट्रांसफार्मर ऑयल फिल्ट्रेशन एवं अन्य प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपादित किया गया।
रिपेरिंग और टेस्टिंग के उपरांत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रूप से पुनः सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।