जबलपुर। पिछले साल मटर के सीजन में फसलों की तुड़ाई के लिए मजदूरों से भरे वाहन पलटने और कई मौते व कई लोगों के घायल होने के बाद भी लोगों ने सबक नहीं लिया| मालवाहक वाहनों में बोरों की छल्लियों की तरह सवारी ठूंसठंस कर भरी जा रही हैं उन्हें काम पर ले जाया जा रहा है|
ट्रैफिक नियम कानून कायदों की न तो वाहन चालकों को और न ही यातायात पुलिस को फिक्र हैं| खुलेआम मनमानी और अनदेखी की जा रही हैं| मंगलवार को जबलपुर से शहपुरा की ओर जाने वाले मार्ग पर एक छोटे पिकअप वाहन में 50 से अधिक महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया और वाहन करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भेड़ाघाट मार्ग पर दौड़ता नजर आया।
हैरानी की बात यह रही कि यह वाहन शहर से शहपुरा तक कई थानों और ट्रैफिक पुलिस प्वाइंट्स से निकला लेकिन इस जोखिम भरे सफर पर किसी का ध्यान नहीं गया, गौरतलब है कि इन दिनों कड़ाके की ठंड से कोहरे की मार से जहां ट्रेनों की रफ्तार कम पड़ गई हैं वहीं इस तरह के वाहन कोहरे के बीच बेखौफ होकर मजदूरों और सवारियों के जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
इन दिनों पूरे प्रदेश में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। ऐसे हालात में तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहन न केवल उसमें सवार लोगों, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं।
वायरल वीडियो पर पुलिस ने लिया संज्ञान…………
बेखौफ ट्रेफिक नियमों का उल्लघंन कर दौड़ रहे इस वाहन का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया| वीडियो की जांच कराई जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंजना तिवारी ने कहा कि छोटे वाहन में इतनी अधिक सवारियां बैठाकर ले जाना गंभीर अपराध है और यह ट्रैफिक नियमों का खुला उल्लंघन है। इस तरह के मामलें सामने आने पर थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं|