आवारा श्वानों को लेकर निर्देशों का पालन नहीं, न नोडल अधिकारी की नियुक्ति न नोडल प्लान


जबलपुर। जबलपुर में आवारा श्वानों को स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टेंड या कार्यालय के परिसरों से हटाया नहीं गया है| टीकाकरण, नसबंदी, शेल्टर होम, फिडिंग जोन आदियों पर सुस्ती से कार्य हो रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के इस बावत स्पष्ट निर्देश है|

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए है कि आवारा श्वानों के आतंक पर नियंत्रण करने हेतु नोडल अधिकारी की नियुक्ति किया जाए, लेकिन पिछले 5 महिनों से न तो नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई न ही कोई ठोस एक्शन प्लान बनाया गया|


नतीजन डॉग बाईट की घटनाएं बढ़ती जा रही है, रेबीज के केसेस से लोगों की मौते हो रही है|
इससे चिंतित होकर जन संगठनों ने सोमवार को बैठक आयोजित कर मुख्य सचिव मप्र शासन को पत्र भेजकर जबलपुर की स्थिति में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया|

जीव जंतु कल्याण बोर्ड गाईड लाईन जारी करें………….


डॉ. पीजी नाजपांडे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को आदेश जारी करते हुए एनीमल वेलफेयर बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह 4 सप्ताह के भीतर डॉग बाईट पर नियंत्रण तथा आवारा कुत्तों के संबंध में गाईड लाईन जारी करें|


इस बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ आर एम खरब ने 26 फरवरी 2015 को ऐसी गाईड लाइन जारी की थी|
बैठक में डॉ. पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, टीके रायघटक, डीके सिंह, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, डीआर लखेरा, केपी सोनी, पीएस राजपूत, संतोष श्रीवास्तव, राममिलन शर्मा, आदि उपस्थित थे|