एमपी ट्रांसको में टेस्टिंग इंजीनियरों को द उन्नत प्रशिक्षण

जबलपुर। प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी(एम पी ट्रांसको) द्वारा रिले टेस्टिंग सिम्युलेटर पैनल पर आधारित दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला में प्रदेशभर के एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से आए टेस्टिंग इंजीनियरों ने सहभागिता की।

एम पी ट्रांसको के  मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना ने बताया कि परीक्षण संभाग, टीकमगढ़ में  इनहाउस विकसित अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर  मे टेस्टिंग इंजीनियरों को एडवांस तकनीकी प्रोटेक्शन सिस्टम का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल से जहां इंजीनियरों की दक्षता में वृद्धि होगी, वहीं उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित, स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि इस केंद्र में अब तक तीन बैचों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है।

राज्य स्तरीय कार्यशाला का संचालन कार्यपालन अभियंता आर.पी. कान्यकुब्ज के निर्देशन में सहायक यंत्री जी.पी. राय द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान ट्रांसफार्मर डिफरेंशियल प्रोटेक्शन रिले और लाइन डिस्टेंस प्रोटेक्शन रिले की वायरिंग, कॉन्फ़िगरेशन, सेटिंग तथा टेस्टिंग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
-उन्नत प्रशिक्षण का उपभोक्ताओं पर सकारात्मक प्रभाव-**
इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता में सुधार से ट्रांसमिशन नेटवर्क में  किसी बड़ी गड़बड़ी की स्थिति में नेटवर्क की सुरक्षा और स्थिरता बनाये रखने मे सहायता मिलती है। आधुनिक प्रोटेक्शन रिले की सटीक सेटिंग से ओवरलोडिंग, ब्रेकडाउन और ग्रिड फेल्यूर जैसी स्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

ट्रांसमिशन सिस्टम होगा अधिक मजबूत—
उन्नत टेस्टिंग तकनीक का उपयोग ट्रांसमिशन उपकरणों की आयु बढ़ाने, रखरखाव लागत घटाने और पूरे नेटवर्क को अधिक कुशल बनाने में सहायक होगा।
एमपी ट्रांसको की यह पहल न केवल तकनीकी उन्नयन की दिशा में सार्थक कदम है, बल्कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।