जबलपुर। जबलपुर के साथ एक और अन्याय किया गया| जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के कारण यह अन्याय भविष्य में समस्या बनेगा| क्योंकि जबलपुर वालों को फिर प्रदेश के अन्य राष्ट्रीय स्पीड पोस्ट हब पर निर्भर रहना पड़ेगा|
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के प्रांताध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे ने बताया कि केंद्रीय संचार मंत्रालय ने 20 नवंबर को आदेश जारी कर भविष्य की मेल तथा पार्सल योजना में जबलपुर को राष्ट्रीय स्पीड पोस्ट हब के श्रेणी से डाउनग्रेड कर दिया है| यह आदेश 24 नवंबर से ही लागू हो गया है|
जनसंगठनों ने पीएम को पत्र भेजा……………
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक संघ, महिला समिति, सीनियर सिटीजन वेल्फेयर एसोसिएशन, पेंशनर समाज, आदि जन संगठनों ने इस आदेश से जबलपुर के साथ अन्याय तथा भेदभाव हुआ है, यह बताकर प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर हस्तक्षेप करने की मांग की है|
सिर्फ जबलपुर को डाउन किया…………….
वर्तमान में पोस्टल विभाग के रेलवे मेल सर्विसेस के मप्र सर्कल में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर तथा जबलपुर ऐसे 4 नेशनल स्पीड पोस्ट कार्यरत थे| किन्तु इनमें से केवल जबलपुर को डाउनग्रेड कर उसे नीचे के श्रेणी में रखा गया है| नतीजन जबलपुर केवल सीमित कार्य करेगा, तथा उसे अब अन्य राष्ट्रीय स्पीड पोस्ट हब पर निर्भर रहना पड़ेगा|
सांसदों से हस्तक्षेप करने की मांग…………
सांसदों को तत्काल हस्तक्षेप कर जबलपुर का कद घटाने पर आवश्यक कदम उठाना चाहिए, इस आशय का पत्र जनसंगठनों ने सासंद आशीष दुबे, सुमित्रा बाल्मीक, एड.विवेक तंखा को भी भेजा है|
जनसंगठनों की ओर से डॉ.पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, टीके रायघटक, डीके सिंह, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, डीआर लखेरा, संतोष श्रीवास्तव, पीएस राजपूत, एड.जीएस सोनकर, माया कुशवाहा, अर्जुन कुमार, नंदकिशोर सोनकर, दिलीप पांडे, राममिलन शर्मा आदि ने सभी जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में हस्तक्षेप करने और जबलपुर को उसका हक वापस दिलाने की मांग की हैं|