जबलपुर। मानस मंडल द्वारा नवान्हपारायण पाठ व 24 वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल की स्थापना के पच्चीसवें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर डॉ.गोविन्द प्रसाद नेमा के मार्गदर्शन मे मंडल द्वारा सामूहिक श्रीरामचरितमानस का नवान्हपारायण (120 दोहे का) पाठ किया गया।
युवाओं की रामायण के पठन पाठन में भागीदारी सुनिश्चित के उद्देश्य से आयोजित पाठ नेमा समाज भवन में 8 नवंबर से प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 5:30 बजे तक हुआ। कार्यक्रम नेमा समाज के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ.पुरुषोत्तम नेमा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
जिसमें मंडल के आय-व्यय की प्रस्तुति महेश कुमार नेमा ने तथा वार्षिक प्रतिवेदन एड. संजय नेमा ने प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि आचार्य महामहोपाध्याय डॉ.हरीशंकर दुबे ने अपने उद्बोधन में बताया कि जीवन का वास्तविक लक्ष्य अपने स्वरूप को पाना है।
आयोजन में महासचिव राकेश नेमा, महाकौशल प्रांत के अध्यक्ष सुनील नेमा विशेष रुप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण नेमा ने किया। कार्यक्रम में डॉ.राजेंद्र नेमा, कैलाश नेमा, द्वारका प्रसाद नेमा, इं.राजेंद्र नेमा, डा.संतोष नेमा, इं.अजय नेमा, देवेन्द्र नेमा का विशिष्ट सहयोग रहा है।
रामचरितमानस के प्रचार प्रसार में लगे हुए विशिष्ट व्यक्तियों का मानस सेवी सम्मान से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम के होने वाली नव दिवसीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में 200 से अधिक प्रतिभागियों के बीच प्राप्तांकों के आधार पर प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पर डॉ.संगीता नेमा, डॉ.नेहा शाक्य व श्रीमती नीता गुप्ता ने प्राप्त किया। जिन्हें नगद राशि से सम्मानित किया गया।
आगामी वर्ल्ड रामायण कांफ्रेंस की सफलता हेतु 100 परिवारों द्वारा सामूहिक सुंदरकांड पाठ 21 दिसंबर को प्रस्तावित हुआ। जिसका दायित्व देवेंद्र नेमा,अजय नेमा को दिया गया। कार्यक्रम महाआरती एवं प्रार्थना के बाद महाप्रसादी के साथ संपन्न हुआ।