जबलपुर। गरमी के मई माह में हुई बिजली खरीदी की लागत वर्षा ऋतु के अगस्त में घटी, मई में वह 3 हजार 376 करोड़ थी, जबकि अगस्त में 3 हजार 143 करोड़ थी, अत: 233 करोड़ की बचत हुई|
मई में वास्तविक पावर खरीदी कीमत रुपए 3.81/कि.वैट थी, वह अगस्त में घटकर 3.39 रुपए हुई, अत: बिजली खरीदी कीमत में 42 पैसे/ कि. वैट से कमी आई|
डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि चूंकि फ्यूल सरचार्ज 2 माह पूर्व के बिजली खरीदी पर आधारित होता है, तथा मई से अगस्त तक लागत घटी, इस कारण जुलाई का फ्यूल सरचार्ज 2.56 प्रतिशत से घटकर अक्टूबर में वह माईनस 4.73 प्रतिशत तक नीचे आया, अत: कुल 7.29 प्रतिशत की कमी आई है|
22 सितंबर से जीएसटी का लाभ मिले, बिजली रेट घटाये…..
जनसंगठनों ने मप्र शासन से मांग की है कि 22 सितंबर से जीएसटी में बदलाव के कारण कोयले पर लगने वाला सेस हटाया गया है| इस कारण कोयले की खरीदी में आ रही लागत घट गई है|
वर्षा ऋतु के कारण घटी लागत तथा जीएसटी से घटी लागत इन दोनों का लाभ उपभोक्ताओं को बिजली रेट घटाने से मिलना चाहिए| अत: विद्युत अधिनियम के धारा 108 के तहत ऐसी अनुशंसा आयोग के पास मप्र शासन के द्वारा भेजना चाहिए|
बैठक में डॉ पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, टीके रायघटक, डीके सिंह, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, संतोष श्रीवास्तव, सुशीला कनौजिया, डीआर लखेरा, विनायक राव सरोते, कुंदन सिंह नेगी, लखन प्रजापति, अर्जुन कुमार परोहा, ममता हरदहा, उमा दाहिया, मोहन श्रीवास्तव, केपी सोनी, राममिलन शर्मा आदि उपस्थित थे|