जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने कहा है कि वर्तमान में शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में हमारे शिक्षक ऐप एवं सार्थक ऐप में ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने के आदेश से कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं , शिक्षक ऐप एवं सार्थक ऐप में ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने के आदेश जारी किए गए थे कर्मचारियों द्वारा संबंधित ऐप डाउनलोड करने के बाद ई-अटेंडेंस लगाने की कोशिश की गई लेकिन तकनीकी कारण से ही अटेंडेंस नहीं लग पा रही है।
मोबाइल में नेट न मिलने के कारण अटेंडेंस लगाने के लिए कर्मचारियों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है, शिक्षक स्कूल से खड़े होकर घंटो हाजरी लगाने का प्रयास करते रहते हैं , स्कूल की छतों, टीलों से भी सर्वर नहीं मिल रहे है।जिससे स्वास्थ विभाग के कर्मचारी भी परेशान है।
कुछ कार्यालयों में कार्य स्थल पर आने के बाद भी हाजरी नहीं लग रही है कर्मचारियों की अनुपस्थिति दिख रही है, मोबाइल ऐप में गलती, प्रशिक्षण की कमी के कारण ,बैंक खातों से राशि के हेर फेर की खबरें भी महिला एवं पुरुष कर्मचारी में घबराहट पैदा करती है।
कर्मचारियों के व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित न किए जाने से भी असुरक्षा बनी हुई है। ऐप को पूरी तरह से व्यवस्थित करने के बाद ही कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस लगाने के लिए आदेशित किया जाए तो कर्मचारियों में सुरक्षा महसूस होगी।
कुछ कार्यालयों में कार्यरत आउट सोर्स कर्मचारी, अतिथि शिक्षकों को कार्य क्षेत्र में उपस्थित होने के बाद भी तकनीकी कारण से ई अटेंडेंस न लगने से अनुपस्थित दिखाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अटल उपाध्याय, देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, बृजेश मिश्रा, रजनीश पांडेय, मनोज राय, के जी पाठक, परसराम तिवारी, योगेन्द्र मिश्रा, सतीश उपाध्याय, विनय नामदेव, सुशील गुप्ता, अर्जुन सोमवंशी, रवि बांगड़, प्रशांत तिवारी, राजाराम डेहरिया ने ऐप की विसंगति पूरी तरह से दूर करने के पश्चात ही लागू करने की मांग की है। जिससे शासन की मंशा के अनुसार कार्यवाही हो सके।