जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के पशुचिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय जबलपुर में 8 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर एवं वेटरनरी इंटरनल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन सोसाइटी (वीआईपीएम) के संयुक्त तत्वावधान में छठा वार्षिक अधिवेशन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई है|
यहां पत्रकार वार्ता में कुलगुरु प्रोफेसर मनदीप शर्मा ने बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है जो की 8-10 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। जलवायु संकट में पशुचिकित्सा का कायाकल्प पशु स्वास्थ्य हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी का उद्-घाटन मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह करेंगे|
विशिष्ट अतिथि पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल रहेंगे। इस वर्ष का सम्मेलन एक समसामयिक एवं दूरदर्शी विषय पर केंद्रित है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस) जैसी अत्याधुनिक तकनीक रोग पूर्वानुमान, त्वरित एवं सटीक निदान, प्रभावी उपचार और सतत पशुधन उत्पादन की दिशा में नए अवसर प्रस्तुत कर रही हैं।
इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन देश के विभिन्न राज्यों से 400 ( वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, नीति-निर्माता एवं विद्यार्थी) सम्मिलित हो रहे हैं। कुल शोध सारांश 438 तथा 14 मुख्य शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
सम्मेलन में होंगे 9 सत्र…………..
कुलगुरु ने आगे बताया कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल 9 तकनीकी सत्र रहेंगे, जिसमें प्रमुख विषय क्लाइमेट चेंज एवं वन हेल्थ, फार्म एवं कंपेनियन एनिमल मेडिसिन, वैकल्पिक चिकित्सा आदि रहेंगे।
सम्मेलन में विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिये जायेंगे जिनमें श्रेष्ठ शोध प्रबंध, यंग साइंटिस्ट पुरस्कार, फील्ड वेटरिनेरियन पुरस्कार, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड्स जैसे विशेष पुरस्कार शामिल हैं।
यह आयोजन जलवायु संकट जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने हेतु ठोस कदम सिद्ध होगा और पशुधन क्षेत्र को सतत विकास की दिशा में अग्रसर करेगा।
इस दौरान संस्थान के डॉ आरके शर्मा, आयोजक सचिव डॉ देवेंद्र गुप्ता, सहसचिव डॉ अमिता तिवारी, डॉ बृजेश सिंह, सहायक कुल सचिव डॉ रामकिंकर मिश्र, जनसंपर्क अधिकारी डॉ सोना दुबे भी उपस्थित थी।