जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने कहा है कि डॉग बाइट के मामलें में जबलपुर दूसरे नंबर पर है| इस बात का खुलासा राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जनवरी से जून 2025 के 6 माहों के बीच डॉग बाइट के केसेस पर सर्वे में सामने आया है| इसके बावजूद 28 सितंबर को रेबीज नियंत्रण दिवस के अवसर पर न तो नगर निगम ने ही शासन की ओर से जनजागृति या कोई अन्य कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
2030 तक रैबीज फ्री सिटी बनाने का लक्ष्य……….
उपभोक्ता मंच के प्रांताध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने रैबीज दिवस की याद दिलाते हुए महापौर तथा कलेक्टर को पत्र भेजकर जानकारी दी थी कि राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 6 शहरों, भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन तथा रतलाम को वर्ष 2030 तक रैबीज फ्री सिटी बनाने का लक्ष्य है।
महापौर ने भी आवारा श्वानों की समस्या के निवारण हेतु 12 सितंबर को बैठक आयोजित कर केंद्रीय समिति गठित करने की घोषणा की थी।
नियंत्रण कार्यक्रम में तेजी लायें……..
जनसंगठनों ने बैठक आयोजित कर आगाह किया कि रेबीज नियंत्रण में ढिलाई के परिणाम खतरनाक होंगे। लिहाजा तेजी से पालन करने की जरूरत है।
बैठक में रजत भार्गव, एड. वेदप्रकाश अधौलिया, टी.के. रायघटक, डी.के. सिंह, सुभाष चंद्र, गीता पांडे, सुशीला खंडेलवाल, के.सी. सोनी, डी.आर. लखेरा आदि उपस्थित थे।